अफगानिस्तान में कई भारतीयों की जान खतरे में, तालिबान ने बंधक बनाने से किया इनकार

वाशिंगटन। अमरीकी सेना के साथ कई देशों के लोग अफगानिस्तान से निकलने का प्रयास कर रहे हैं। यहां पर हालात दिन पर दिन बदतर होते जा रह हैं। इस बीच कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि काबुल में तालिबान द्वारा भारतीय नागरिक समेत 150 से अधिक लोगों का अपहरण करा जा चुका है। वे ये युद्धग्रस्त देश से निकासी की प्रतीक्षा कर रहे थे।

हालांकि तालिबान के एक प्रवक्ता ने अपहरण के किसी भी दावे का खंडन किया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि तालिबान विद्रोहियों ने एक भारतीय समन्वयक का अपहरण कर लिया था जो अफगानिस्तान से लोगों को निकालने में मदद करने के लिए काबुल में था। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, तालिबान विद्रोहियों ने जोहिब से उसका पहचान पत्र मांगा और उसकी पहचान जानने के बाद उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उससे मारपीट की।

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इस बीच, भारतीय वायु सेना के एक परिवहन सैन्य विमान द्वारा शनिवार को काबुल से लगभग 85 भारतीय नागरिकों को निकाला गया है। विमान भारतीयों को निकालने के बाद ताजिकिस्तान के दुशांबे में उतरा और जल्द दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस पर पहुंचने की उम्मीद है।

200 लोगों को पहले ही निकाला जा चुका है

भारतीय वायुसेना के दो सी-17 परिवहन विमानों के जरिए भारत काबुल में अपने दूतावास के कर्मचारियों साहित 200 लोगों को पहले ही निकाल चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की कुल संख्या लगभग 400 हो सकती है। इससे पहले 17 अगस्त को, विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उनकी तत्काल प्राथमिकता है कि अफगानिस्तान में फंसे सभी भारतीय नागरिकों के बारे में सही जानकारी प्राप्त करना है।

उन्होंने भारतीय नागरिकों से +91-11-49016783, +91-11-49016784, +91-11-49016785, या व्हाट्सएप: +91 80106 11290 या ईमेल पर विदेश मंत्रालय के विशेष अफगानिस्तान सेल के साथ विवरण साझा करने का अनुरोध किया है। काबुल के तालिबान के कब्जे में जाने के बाद से अफगानिस्तान में लगातार हालात बदतर हो रहे हैं। यहां से हर अफगानी पलायन की तैयारी कर रहा है। काबुल एयरपोर्ट पर भगदड़ का माहौल है। यहां पर अभी भी कई परिवार को देश से बाहर जाने की कोशिश में लगे हुए हैं।