गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर दुनिया में ऐसे विरले रचनाकार हैं जिनकी लेखनी 3
देशों के राष्ट्रगान में झलकती है. टैगोर ने बांग्ला भाषा में जन गण मन
लिखा था जो बाद में भारत का राष्ट्रगान बना. बांग्लादेश के राष्ट्रगान आमान सोनार बंगला भी उन्हीं की कविता से ली गई. यही नहीं एक और देश है जिसके राष्ट्रगान में टैगोर की झलक दिखती है.